कृषि पूजा

कृषि पूजा किसानों और भूमि मालिकों द्वारा अच्छी फसल, फसल को होने वाली क्षति से सुरक्षा, तथा भूमि से समृद्धि प्राप्त करने हेतु दैवीय आशीर्वाद पाने के लिए की जाती है।

90 min फिजिकल Business & Prosperity Pujas

क्यों करें कृषि पूजा?

  • स्वस्थ, प्रचुर फसल के लिए आशीर्वाद प्राप्त करता है
  • कीट, सूखा और फसल क्षति से सुरक्षा का आह्वान करता है
  • धरती और प्रकृति के देवताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है

कब करें कृषि पूजा ?

सामान्यतः बुवाई से पहले या फसल कटाई के समय, प्रायः क्षेत्रीय कृषि पर्वों के साथ मेल खाते हुए की जाती है।

कैसे की जाती है कृषि पूजा ?

  1. संकल्प
    किसान पंडित जी के समक्ष पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. भूमि पूजा
    कृषि कार्य शुरू होने से पहले धरती की पूजा कर उसका आशीर्वाद लिया जाता है।
  3. हवन
    एक हवन के माध्यम से अच्छी फसल और फसल की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद का आह्वान किया जाता है।
  4. आशीर्वाद
    खेत में प्रसाद अर्पित किया जाता है और उपस्थित लोगों में वितरित किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • हवन सामग्री
  • पुष्प, अक्षत और हल्दी
  • एक दीया और अगरबत्ती
  • अर्पण हेतु ताज़ी उपज या अनाज

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि पूजा सामान्यतः कब की जाती है?

अधिकांशतः बुवाई के मौसम से पहले या फसल कटाई के समय, हालांकि यह क्षेत्र और फसल चक्र के अनुसार भिन्न होता है।

क्या यह पूजा किसी विशेष फसल के लिए है?

नहीं, यह भूमि की उर्वरता के लिए एक सामान्य प्रार्थना है और किसी भी प्रकार की खेती के लिए की जा सकती है।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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