बैसाखी पूजा

बैसाखी पूजा फसल कटाई के पर्व का उत्सव है और सिखों के लिए खालसा की स्थापना का प्रतीक भी है, जिसे उत्तर भारत और पंजाब भर में कृतज्ञता की प्रार्थनाओं और सामुदायिक उत्सव के साथ मनाया जाता है।

60 min फिजिकल Festival Pujas

क्यों करें बैसाखी पूजा?

  • भरपूर फसल के लिए कृतज्ञता व्यक्त करता है
  • एक आनंदमय, समुदाय-केंद्रित उत्सव का प्रतीक है
  • आने वाले वर्ष में समृद्धि के लिए आशीर्वाद का आह्वान करता है

कब करें बैसाखी पूजा ?

यह बैसाखी के दिन, आमतौर पर हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है, जो पंजाबी कैलेंडर में सौर नववर्ष का प्रतीक है।

कैसे की जाती है बैसाखी पूजा ?

  1. संकल्प
    पूजा से पहले कृतज्ञता का संकल्प लिया जाता है।
  2. फसल पूजा
    अच्छी फसल के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हुए और आगे समृद्धि की कामना करते हुए प्रार्थना की जाती है।
  3. सामुदायिक उत्सव
    इस दिन को उत्सवी सभाओं, लोक नृत्य और साझा भोज के साथ मनाया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • अर्पण हेतु ताज़ा फसल का अनाज
  • पुष्प और अक्षत
  • एक दीया और अगरबत्ती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बैसाखी केवल सिख पर्व है?

यह उत्तर भारत भर में एक फसल कटाई पर्व के रूप में व्यापक रूप से मनाया जाता है, और सिखों के लिए खालसा की स्थापना दिवस के रूप में विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

क्या यह पूजा किसी विशेष देवता से जुड़ी है?

यह मुख्य रूप से किसी एक देवता को समर्पित होने के बजाय फसल के लिए कृतज्ञता का उत्सव है।

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