बृहस्पति (गुरु) पूजा में ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि से जुड़े ग्रह बृहस्पति का आशीर्वाद मांगा जाता है, ताकि जीवन के इन क्षेत्रों में वृद्धि हो सके।
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क्यों करें बृहस्पति / गुरु पूजा?
ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि में वृद्धि का आह्वान करती है
जन्म कुंडली में कमज़ोर या पीड़ित बृहस्पति को मज़बूत करती है
ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार करियर, शिक्षा और वैवाहिक सामंजस्य में सहायक है
कब करें बृहस्पति / गुरु पूजा ?
सामान्यतः गुरुवार को, जो बृहस्पति से जुड़ा दिन है, या ज्योतिषीय परामर्श की सिफारिश पर की जाती है।
कैसे की जाती है बृहस्पति / गुरु पूजा ?
संकल्प
भक्त पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
बृहस्पति पूजा
भगवान बृहस्पति की पीले पुष्पों और हल्दी-आधारित अर्पण के साथ पूजा की जाती है।
हवन (वैकल्पिक)
अधिक प्रबल आह्वान के लिए हवन भी शामिल किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
पीले पुष्प और पीला वस्त्र
अर्पण हेतु हल्दी और चना दाल
एक दीया और अगरबत्ती
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु पूजा की सामान्यतः किसे आवश्यकता होती है?
जिनकी जन्म कुंडली में बृहस्पति कमज़ोर या पीड़ित हो, ऐसा किसी ज्योतिषी द्वारा पहचाने जाने पर, अक्सर बेहतर ज्ञान, समृद्धि और रिश्तों के लिए यह पूजा करवाते हैं।
इस पूजा के लिए पीला रंग ही क्यों महत्वपूर्ण है?
पीला रंग परंपरागत रूप से बृहस्पति से जुड़ा है और इस पूजा के अर्पण व वस्त्रों में इसका प्रयोग किया जाता है।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो