बुध पूजा

बुध पूजा में बुद्धि, संचार और व्यावसायिक कुशलता से जुड़े ग्रह बुध का आशीर्वाद मांगा जाता है, ताकि जीवन के इन क्षेत्रों में संतुलन और मज़बूती आ सके।

60 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas

क्यों करें बुध पूजा?

  • बुद्धि, स्पष्ट संचार और व्यावसायिक कुशलता का आह्वान करती है
  • जन्म कुंडली में कमज़ोर या पीड़ित बुध को मज़बूत करती है
  • ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार शैक्षणिक और व्यावसायिक सफलता में सहायक है

कब करें बुध पूजा ?

सामान्यतः बुधवार को, जो बुध से जुड़ा दिन है, या ज्योतिषीय परामर्श की सिफारिश पर की जाती है।

कैसे की जाती है बुध पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. बुध पूजा
    हरी वस्तुओं और मंत्रों के साथ भगवान बुध की पूजा की जाती है।
  3. हवन (वैकल्पिक)
    अधिक प्रबल आह्वान के लिए हवन भी शामिल किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • हरे पुष्प या वस्त्र
  • अर्पण हेतु हरी मूंग दाल
  • एक दीया और अगरबत्ती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध पूजा सामान्यतः कौन करवाता है?

जिन्हें संचार में कठिनाइयां हों, व्यावसायिक असफलताएं हों, या जिनकी कुंडली में बुध की स्थिति किसी ज्योतिषी द्वारा कमज़ोर पहचानी गई हो।

बुध के साथ हरा रंग क्यों जुड़ा है?

वैदिक ज्योतिष में हरा रंग परंपरागत रूप से बुध से जुड़ा है, और इसे इस पूजा के अर्पण में प्रयोग किया जाता है।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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