धनतेरस पूजा

धनतेरस पूजा (पर्व) दीपावली पर्व के पहले दिन किया जाने वाला पारिवारिक अनुष्ठान है, जिसमें स्वास्थ्य, धन और समृद्धि हेतु देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है।

45 min फिजिकल और ऑनलाइन Festival Pujas

क्यों करें धनतेरस पूजा?

  • आने वाले वर्ष के लिए धन और समृद्धि का आह्वान करता है
  • भगवान धन्वंतरि से स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है
  • परिवार की दीपावली उत्सव की शुभ शुरुआत का प्रतीक है

कब करें धनतेरस पूजा ?

मुख्य दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस पर, सामान्यतः संध्या के समय मनाया जाता है।

कैसे की जाती है धनतेरस पूजा ?

  1. संकल्प
    परिवार पंडित जी के समक्ष पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. लक्ष्मी-धन्वंतरि पूजा
    देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा दीयों, फूलों और मंत्रों के साथ की जाती है।
  3. दीपदान
    यमराज के लिए पारंपरिक रूप से एक दीया जलाकर रातभर जलता रखा जाता है, ताकि परिवार को अकाल मृत्यु से सुरक्षा मिले।

आवश्यक सामग्री

  • लक्ष्मी और धन्वंतरि की मूर्तियां या चित्र
  • दीये और तेल
  • फूल, कुमकुम और अक्षत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर यमराज के लिए दीया क्यों जलाया जाता है?

यह एक पारंपरिक प्रथा है, जिसे अकाल मृत्यु को टालने और परिवार के लिए दीर्घायु व सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु माना जाता है।

क्या इस पूजा के लिए सोना खरीदना आवश्यक है?

यह एक लोकप्रिय परंपरा है परंतु अनिवार्य नहीं — पूजा का मूल भाव भक्ति और आशीर्वाद है, न कि खरीदारी।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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