दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा देवी दुर्गा को समर्पित एक भव्य भक्ति समारोह है, जो विशेष रूप से बंगाल और पूर्वी भारत में विस्तृत रूप से मनाया जाता है, और महिषासुर नामक भैंसासुर पर उनकी विजय का उत्सव मनाता है।

120 min फिजिकल और ऑनलाइन Navratri & Devi Pujas

क्यों करें दुर्गा पूजा?

  • देवी दुर्गा की बुराई पर विजय का उत्सव मनाता है
  • परिवार के लिए शक्ति, सुरक्षा और समृद्धि का आह्वान करता है
  • बंगाली तथा व्यापक हिंदू परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है

कब करें दुर्गा पूजा ?

यह शरद नवरात्रि के अंतिम पांच दिनों में, सामान्यतः सितंबर-अक्टूबर के दौरान मनाई जाती है।

कैसे की जाती है दुर्गा पूजा ?

  1. बोधन
    उत्सव की शुरुआत के लिए देवी की उपस्थिति का आह्वान किया जाता है।
  2. दैनिक पूजा
    सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान विस्तृत दैनिक पूजा की जाती है।
  3. संधि पूजा
    अष्टमी और नवमी के संधि काल में की जाने वाली एक महत्वपूर्ण विधि, जो उत्सव के चरम को चिह्नित करती है।
  4. विसर्जन
    विजया दशमी के दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन कर उत्सव का समापन किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • दुर्गा प्रतिमा या चित्र
  • फूल, अक्षत और पारंपरिक सामग्री
  • विस्तृत दैनिक पूजा हेतु सामग्री

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या दुर्गा पूजा पूरे भारत में एक समान रूप से मनाई जाती है?

मूल भक्ति भाव समान है, परंतु बंगाल का उत्सव भव्य पंडालों और सामुदायिक उत्सवों के साथ विशेष रूप से विस्तृत होता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में इसे व्यापक नवरात्रि परंपराओं के भीतर मनाया जाता है।

संधि पूजा क्या है?

यह अष्टमी और नवमी के ठीक संधि काल में की जाने वाली एक सटीक समयबद्ध विधि है, जिसे उत्सव का सबसे शक्तिशाली क्षण माना जाता है।

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