एकादशी पूजा

एकादशी पूजा प्रत्येक पक्ष के 11वें चंद्र दिवस पर भगवान विष्णु को समर्पित होती है, जिसमें आध्यात्मिक पुण्य और दिव्य आशीर्वाद हेतु उपवास और प्रार्थना की जाती है।

60 min फिजिकल और ऑनलाइन Ekadashi & Vrat Pujas

क्यों करें एकादशी पूजा?

  • आध्यात्मिक पुण्य और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है
  • अनुशासित, भक्तिमय जीवनशैली को बढ़ावा देता है
  • मानसिक शांति और स्पष्टता लाने की मान्यता है

कब करें एकादशी पूजा ?

यह प्रत्येक चंद्र पक्ष के 11वें दिन, यानी एकादशी को, महीने में दो बार मनाई जाती है।

कैसे की जाती है एकादशी पूजा ?

  1. संकल्प एवं उपवास
    भक्त संकल्प लेकर उस दिन आंशिक या पूर्ण उपवास रखता है।
  2. विष्णु पूजा
    भगवान विष्णु की पूजा तुलसी पत्तों, फूलों और मंत्रों के साथ की जाती है।
  3. व्रत पारण
    अगले दिन (द्वादशी) उचित समय पर व्रत खोला जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र
  • तुलसी पत्ते और फूल
  • व्रत हेतु फल (यदि आंशिक उपवास रखा जाए)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकादशी का व्रत कितना कठोर होता है?

प्रथाएं व्यापक रूप से भिन्न होती हैं — कुछ लोग केवल जल पर आधारित कठोर व्रत रखते हैं, तो कुछ अनाज से परहेज करते हुए फल खाते हैं, यह व्यक्तिगत क्षमता और परंपरा पर निर्भर करता है।

एक वर्ष में कुल कितनी एकादशी होती हैं?

सामान्य वर्ष में कुल 24 एकादशी होती हैं, जो प्रत्येक चंद्र मास में दो बार आती हैं।

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