गणेश अथर्वशीर्ष पाठ भगवान गणेश की स्तुति में रचित पवित्र उपनिषदिक स्तोत्र गणेश अथर्वशीर्ष का भक्तिपूर्ण पाठ है, जिसे बुद्धि, समृद्धि और विघ्न-निवारण हेतु किया जाता है।
90 min फिजिकल और ऑनलाइन Ganesh Pujas
क्यों करें गणेश अथर्वशीर्ष पाठ?
पवित्र शास्त्र पाठ के माध्यम से गहन आशीर्वाद प्राप्त होता है
बुद्धि, समृद्धि और सुरक्षा प्राप्ति की मान्यता है
एकाग्र, ध्यानपूर्ण भक्ति अभ्यास में सहायक
कब करें गणेश अथर्वशीर्ष पाठ ?
यह किसी भी दिन किया जा सकता है, विशेष रूप से बुधवार, संकष्टी चतुर्थी या गणेश चतुर्थी के दिन शुभ माना जाता है।
कैसे की जाती है गणेश अथर्वशीर्ष पाठ ?
संकल्प
पाठ के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लिया जाता है।
गणेश पूजा
भगवान गणेश की पूजा फूलों, अक्षत और मोदक के साथ की जाती है।
अथर्वशीर्ष पाठ
पवित्र ग्रंथ का पाठ किया जाता है, कुछ परंपराओं के अनुसार प्रायः 11 या 21 बार दोहराया जाता है।
आवश्यक सामग्री
भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र
भोग हेतु मोदक या मिठाइयां
गणेश अथर्वशीर्ष ग्रंथ की प्रति
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अथर्वशीर्ष सामान्यतः कितनी बार पढ़ा जाता है?
सामान्य प्रथा में 11 या 21 बार दोहराना शामिल है, हालांकि यह व्यक्तिगत भक्ति और उपलब्ध समय के अनुसार भिन्न हो सकता है।
क्या इसे बिना पंडित के पढ़ा जा सकता है?
कई भक्त इसे दैनिक अभ्यास के रूप में स्वयं पढ़ते हैं, हालांकि पंडित जी के मार्गदर्शन में विधिवत पूजा करने से औपचारिक विधि जुड़ती है।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो