वधू का गृह प्रवेश
वधू गृह प्रवेश एक विशेष गृह प्रवेश समारोह है जो विवाह के पश्चात नई दुल्हन के पहली बार अपने पति के घर में औपचारिक रूप से प्रवेश करते समय किया जाता है।
120 min फिजिकल Wedding & Marriage Rituals क्यों करें वधू का गृह प्रवेश?
- दुल्हन का आशीर्वाद सहित नए घर में स्वागत करता है
- वैवाहिक जीवन की सामंजस्यपूर्ण, समृद्ध शुरुआत का आह्वान करता है
- एक आनंददायक, अर्थपूर्ण पारिवारिक परंपरा को चिह्नित करता है
कब करें वधू का गृह प्रवेश ?
विदाई की रस्म के बाद, विवाह के पश्चात जिस दिन दुल्हन पहली बार अपने पति के घर में प्रवेश करती है, उस दिन यह किया जाता है।
कैसे की जाती है वधू का गृह प्रवेश ?
- द्वार पर स्वागत
सास दुल्हन का दहलीज़ पर आरती के साथ स्वागत करती हैं।
- कलश स्पर्श (कलश गिराना)
दुल्हन प्रवेश करते समय प्रतीकात्मक रूप से चावल से भरे कलश को अपने दाहिने पैर से गिराती हैं।
- गृह प्रवेश
परिवार के बड़ों के आशीर्वाद के बीच दुल्हन विधिवत घर में प्रवेश करती है।
आवश्यक सामग्री
- चावल से भरा कलश
- दीया, कुमकुम और फूलों सहित आरती की थाली
- प्रसाद हेतु मिठाइयाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कलश गिराने की रस्म का क्या प्रतीक है?
यह एक पारंपरिक स्वागत है जो दुल्हन द्वारा नए घर में समृद्धि और सम्पन्नता लाने का प्रतीक है।
क्या यह सामान्य गृह प्रवेश जैसा ही है?
इसमें भी गृह प्रवेश की भावना है, परंतु यह विशेष रूप से नई दुल्हन का परिवार के घर में स्वागत करने पर केंद्रित है।
+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो
अभी बुक करें