हनुमान जयंती पूजा
हनुमान जयंती पूजा भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव मनाती है, जिसमें शक्ति, साहस, सुरक्षा और भक्ति के आशीर्वाद का आह्वान किया जाता है।
90 min फिजिकल और ऑनलाइन Festival Pujas क्यों करें हनुमान जयंती पूजा?
- भगवान हनुमान से शक्ति, साहस और सुरक्षा का आह्वान करता है
- हनुमान जी द्वारा प्रदर्शित अटूट भक्ति का उत्सव मनाता है
- भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने में सहायक माना जाता है
कब करें हनुमान जयंती पूजा ?
सामान्यतः चैत्र मास की पूर्णिमा (क्षेत्र अनुसार तिथि भिन्न हो सकती है) को हनुमान जयंती मनाई जाती है।
कैसे की जाती है हनुमान जयंती पूजा ?
- संकल्प
पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लिया जाता है।
- हनुमान पूजा
भगवान हनुमान की सिंदूर, फूलों और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ पूजा की जाती है।
- आरती
समापन पर आरती की जाती है।
आवश्यक सामग्री
- भगवान हनुमान की मूर्ति या चित्र
- सिंदूर और एक दीया
- प्रसाद हेतु फूल और मिठाइयाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हनुमान जी को विशेष रूप से सिंदूर क्यों अर्पित किया जाता है?
यह हनुमान जी की भक्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा से संबंधित है, और यह एक पारंपरिक भेंट है जिसे उन्हें प्रसन्न करने वाला माना जाता है।
क्या हनुमान चालीसा का पाठ इस पूजा का महत्वपूर्ण भाग है?
हाँ, कई भक्तों के लिए हनुमान चालीसा का पाठ इस अनुष्ठान का केंद्रीय और प्रिय भाग है।
+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो
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