कुबेर पूजा

कुबेर पूजा देवताओं के कोषाध्यक्ष एवं धन के देवता भगवान कुबेर का आह्वान करती है, जिससे आर्थिक स्थिरता, समृद्धि और वर्तमान धन-संपत्ति की सुरक्षा हेतु आशीर्वाद प्राप्त हो।

90 min फिजिकल और ऑनलाइन Business & Prosperity Pujas

क्यों करें कुबेर पूजा?

  • आर्थिक स्थिरता और वृद्धि हेतु आशीर्वाद का आह्वान करती है
  • वर्तमान धन-संपत्ति की सुरक्षा हेतु प्रार्थना करती है
  • अधिक आशीर्वाद के लिए प्रायः लक्ष्मी पूजा के साथ की जाती है

कब करें कुबेर पूजा ?

सामान्यतः धनतेरस, दीपावली, या आर्थिक आशीर्वाद हेतु चुनी गई किसी भी शुभ तिथि पर की जाती है।

कैसे की जाती है कुबेर पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त पंडित जी के समक्ष पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. कुबेर पूजा
    फूलों, कुमकुम और धन-आह्वान मंत्रों से भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
  3. हवन (वैकल्पिक)
    अधिक प्रभावशाली आह्वान के लिए एक संक्षिप्त हवन भी सम्मिलित किया जा सकता है।
  4. आरती
    समापन पर आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • भगवान कुबेर की मूर्ति या चित्र
  • फूल, कुमकुम और अक्षत
  • दीया और धूप
  • प्रसाद हेतु मिठाई

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कुबेर पूजा लक्ष्मी पूजा से अलग है?

हाँ — लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी हैं, जबकि कुबेर को धन के रक्षक एवं प्रबंधक कोषाध्यक्ष के रूप में माना जाता है। कई लोग दोनों को साथ में करते हैं।

कुबेर पूजा सामान्यतः कौन करवाता है?

व्यवसायी, व्यापारी, और आर्थिक स्थिरता चाहने वाले लोग सामान्यतः यह पूजा करवाते हैं।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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