मंगलसूत्र पूजा

मंगलसूत्र पूजा वह अनुष्ठान है जिसमें वर वधू के गले में पवित्र मंगलसूत्र बाँधता है, जो उनके वैवाहिक बंधन और उसकी कुशलता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

30 min फिजिकल Wedding & Marriage Rituals

क्यों करें मंगलसूत्र पूजा?

  • वैवाहिक बंधन के औपचारिक प्रतीक को चिह्नित करता है
  • विवाह हेतु सुरक्षा और समृद्धि का आह्वान करता है
  • विवाह के सबसे प्रिय और फोटो में सर्वाधिक कैद किए जाने वाले क्षणों में से एक

कब करें मंगलसूत्र पूजा ?

मुख्य विवाह समारोह के दौरान, सप्तपदी के तुरंत बाद या उसके साथ की जाती है।

कैसे की जाती है मंगलसूत्र पूजा ?

  1. मंगलसूत्र का पूजन
    बाँधने से पहले मंत्रों के साथ मंगलसूत्र को पूजित किया जाता है।
  2. बंधन समारोह
    वर वधू के गले में मंगलसूत्र बाँधता है, प्रायः तीन गाँठों में।
  3. आशीर्वाद
    परिवार और अतिथि दंपति पर आशीर्वाद एवं चावल बरसाते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • मंगलसूत्र
  • फूल और अक्षत
  • समारोह हेतु एक छोटी थाली

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलसूत्र किसका प्रतीक है?

यह पवित्र वैवाहिक बंधन का प्रतिनिधित्व करता है और परंपरागत रूप से पत्नी द्वारा उसकी वैवाहिक स्थिति और उसके पति की प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में पहना जाता है।

क्या मंगलसूत्र समारोह सभी हिंदू विवाहों में समान रूप से प्रचलित है?

यह व्यापक रूप से प्रचलित है, हालाँकि विशिष्ट रीति-रिवाज और गाँठों की संख्या क्षेत्र और समुदाय के अनुसार भिन्न हो सकती है।

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