नवरात्रि पूजा (चैत्र)

चैत्र नवरात्रि पूजा देवी दुर्गा को समर्पित वसंतकालीन नौ दिवसीय अनुष्ठान है, जो हिंदू नववर्ष अवधि का प्रतीक है और राम नवमी उत्सव के साथ संपन्न होता है।

120 min फिजिकल Festival Pujas

क्यों करें नवरात्रि पूजा (चैत्र)?

  • देवी दुर्गा के नौ रूपों में आशीर्वाद का आह्वान
  • हिंदू चंद्र नववर्ष की शुभ शुरुआत का प्रतीक
  • राम नवमी के आनंदमय उत्सव के साथ संपन्न होता है

कब करें नवरात्रि पूजा (चैत्र) ?

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (सामान्यतः मार्च-अप्रैल) से शुरू होने वाले नौ दिनों में मनाई जाती है।

कैसे की जाती है नवरात्रि पूजा (चैत्र) ?

  1. घटस्थापना
    पहले दिन नौ दिनों की शुरुआत के प्रतीक स्वरूप पवित्र कलश की स्थापना की जाती है।
  2. दैनिक देवी पूजा
    प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक भिन्न रूप का सम्मान प्रार्थनाओं और अर्पणों के साथ किया जाता है।
  3. राम नवमी
    नौवें दिन यह अनुष्ठान भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाते हुए संपन्न होता है।

आवश्यक सामग्री

  • घटस्थापना हेतु कलश और सामग्री
  • दैनिक पूजा हेतु फूल, अक्षत और दीया
  • अर्पण हेतु फल और मिठाइयां

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चैत्र नवरात्रि शरद नवरात्रि से कैसे भिन्न है?

दोनों ही नौ दिनों तक देवी दुर्गा का सम्मान करते हैं, लेकिन चैत्र नवरात्रि वसंत में आती है और राम नवमी के साथ संपन्न होती है, जबकि शरद नवरात्रि शरद ऋतु में आती है और दशहरा के साथ संपन्न होती है।

क्या सभी नौ दिनों का व्रत आवश्यक है?

प्रथाएं अलग-अलग होती हैं — कुछ पूरे नौ दिनों का व्रत रखते हैं, अन्य केवल पहले और अंतिम दिन ही व्रत रखते हैं, यह व्यक्तिगत क्षमता और परंपरा पर निर्भर करता है।

₹6,5003,50046% छूट

+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

अभी बुक करें