ओणम पूजा राजा महाबली की पौराणिक घर वापसी का उत्सव है, जिसे केरल में भव्य फूलों की रंगोली (पूकलम), दावतों और आभार तथा स्वागत की प्रार्थनाओं के साथ मनाया जाता है।
90 min फिजिकल Festival Pujas
क्यों करें ओणम पूजा?
राजा महाबली की पौराणिक वार्षिक घर वापसी का स्वागत करती है
समृद्ध फसल के लिए आभार व्यक्त करती है
एक प्रिय क्षेत्रीय सांस्कृतिक एवं भक्ति परंपरा का उत्सव मनाती है
कब करें ओणम पूजा ?
यह मलयालम माह चिंगम (सामान्यतः अगस्त-सितंबर) में दस दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
कैसे की जाती है ओणम पूजा ?
पूकलम
प्रतिदिन एक भव्य फूलों की रंगोली बनाई जाती है, जो उत्सव के दौरान क्रमशः अधिक जटिल होती जाती है।
पूजा एवं प्रार्थना
राजा महाबली का स्वागत करते हुए और आभार व्यक्त करते हुए प्रार्थनाएं की जाती हैं।
ओणम साद्या
एक भव्य पारंपरिक भोज (साद्या) तैयार कर परिवार के साथ साझा किया जाता है।
आवश्यक सामग्री
पूकलम के लिए ताज़े फूल
ओणम साद्या भोज के लिए पारंपरिक सामग्री
दीया और अगरबत्ती
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूकलम क्या है?
यह ओणम के दौरान घरों के प्रवेश द्वार पर बनाई जाने वाली एक जटिल फूलों की चटाई है, जो उत्सव के प्रत्येक दिन बड़ी और अधिक विस्तृत होती जाती है।
क्या ओणम एक धार्मिक या फसल उत्सव है?
इसमें दोनों महत्व समाहित हैं — राजा महाबली की गाथा का सम्मान करने वाला भक्ति भाव, और केरल भर में मनाया जाने वाला फसल उत्सव का आभार।
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