राहु-केतु दोष निवारण पूजा

राहु-केतु दोष निवारण पूजा जन्म कुंडली में राहु और केतु की स्थिति से उत्पन्न संयुक्त बाधाओं को दूर करती है, जिससे संबंधित जीवन की चुनौतियों में उपाय और संतुलन की कामना की जाती है।

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क्यों करें राहु-केतु दोष निवारण पूजा?

  • राहु-केतु के संयुक्त दोषों के समाधान की कामना करती है
  • इन छाया ग्रहों से जुड़ी बाधाओं को कम करने का प्रयास करती है
  • दोनों ग्रहों को संबोधित करते हुए एक व्यापक उपाय प्रदान करती है

कब करें राहु-केतु दोष निवारण पूजा ?

यह ज्योतिषीय परामर्श से पहचान होने पर, आदर्श रूप से किसी शुभ तिथि पर की जाती है।

कैसे की जाती है राहु-केतु दोष निवारण पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त संबोधित किए जा रहे विशेष दोष को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. राहु-केतु पूजा
    दोनों छाया ग्रहों की उनके संबंधित अर्पणों के साथ एक साथ पूजा की जाती है।
  3. हवन (वैकल्पिक)
    अधिक प्रभावी आह्वान के लिए एक अग्नि अनुष्ठान भी सम्मिलित किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • राहु और केतु दोनों के लिए अर्पण (सलाह अनुसार)
  • जन्म कुंडली का विवरण (यदि उपलब्ध हो)
  • दीया और अगरबत्ती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह कालसर्प दोष पूजा के समान है?

दोनों संबंधित परंतु भिन्न हैं — कालसर्प दोष विशेष रूप से राहु और केतु के मध्य आने वाले सभी ग्रहों को संदर्भित करता है, जबकि यह पूजा उनके संयुक्त दोष को व्यापक रूप से संबोधित करती है।

जन्म कुंडली में इसकी पहचान कैसे होती है?

ज्योतिषी राहु और केतु की अन्य ग्रहों के सापेक्ष विशेष स्थिति और कोणों की समीक्षा कर इस बाधा की पहचान करते हैं।

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