राहु पूजा

राहु पूजा राहु के आशीर्वाद का आह्वान करती है, जो महत्वाकांक्षा, भ्रम और अचानक परिवर्तनों से जुड़ा एक छाया ग्रह है, इससे संबंधित चुनौतियों में संतुलन और समाधान की कामना की जाती है।

90 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas

क्यों करें राहु पूजा?

  • राहु के महत्वाकांक्षी और अप्रत्याशित प्रभावों में संतुलन की कामना करती है
  • चुनौतीपूर्ण राहु स्थिति से जुड़ी बाधाओं को कम करने का प्रयास करती है
  • ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार स्पष्टता और स्थिरता का समर्थन करती है

कब करें राहु पूजा ?

यह ज्योतिषीय परामर्श से सुझाए जाने पर, अक्सर शनिवार को की जाती है।

कैसे की जाती है राहु पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. राहु पूजा
    नीले या काले फूलों और मंत्रों के साथ राहु देव की पूजा की जाती है।
  3. हवन (वैकल्पिक)
    अधिक प्रभावी आह्वान के लिए एक अग्नि अनुष्ठान भी सम्मिलित किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • नीले या काले फूल
  • अर्पण के लिए सरसों का तेल और काले तिल
  • दीया और अगरबत्ती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस प्रकार की चिंताएं लोगों को राहु पूजा कराने के लिए प्रेरित करती हैं?

अचानक असफलताएं, भ्रम, या ज्योतिषी द्वारा पहचानी गई चुनौतीपूर्ण राहु स्थिति इसके सामान्य कारण हैं।

क्या राहु पूजा अक्सर केतु पूजा के साथ मिलाकर की जाती है?

हां, चूंकि वे हमेशा एक-दूसरे के विपरीत स्थित होते हैं, दोनों को साथ संबोधित करना सामान्य प्रथा है।

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