रक्षाबंधन पूजा

रक्षाबंधन पूजा भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है, जिसमें बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण के लिए प्रार्थना करती हैं।

30 min फिजिकल Festival Pujas

क्यों करें रक्षाबंधन पूजा?

  • भाई-बहन के बंधन का उत्सव मनाती है और उसे मजबूत करती है
  • भाई के लिए सुरक्षा और दीर्घायु की कामना करती है
  • भारत भर में मनाई जाने वाली एक आनंदमय, प्रिय पारिवारिक परंपरा को चिह्नित करती है

कब करें रक्षाबंधन पूजा ?

यह रक्षाबंधन के दिन, श्रावण मास की पूर्णिमा (सामान्यतः अगस्त) को मनाया जाता है।

कैसे की जाती है रक्षाबंधन पूजा ?

  1. आरती एवं तिलक
    बहन आरती करती है और भाई के माथे पर तिलक लगाती है।
  2. राखी बांधना
    बहन भाई के कल्याण की प्रार्थना करते हुए उसकी कलाई पर राखी बांधती है।
  3. उपहार आदान-प्रदान
    बदले में भाई उपहार और सुरक्षा का वचन देता है।

आवश्यक सामग्री

  • राखी धागा
  • तिलक (कुमकुम), चावल और दीया
  • आदान-प्रदान के लिए मिठाइयां

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रक्षाबंधन जैविक भाई-बहनों से परे भी मनाया जा सकता है?

हां, इसे प्रायः चचेरे भाई-बहनों और भाई-बहन जैसे निकट पारिवारिक मित्रों तक भी बढ़ाया जाता है।

यदि भाई विदेश में रहता है तो क्या यह मनाया जा सकता है?

हां, कई लोग राखी को डाक से भेजते हैं या साथ न होने पर वीडियो कॉल पर प्रतीकात्मक रूप से इसे मनाते हैं।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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