सरस्वती पूजा

सरस्वती पूजा (देवी श्रेणी) ज्ञान, संगीत और कला की देवी माँ सरस्वती का आह्वान करती है, जिसमें ज्ञान और रचनात्मक उन्नति हेतु उनका आशीर्वाद माँगा जाता है।

60 min फिजिकल और ऑनलाइन Navratri & Devi Pujas

क्यों करें सरस्वती पूजा?

  • ज्ञान, बुद्धि और रचनात्मकता के लिए आशीर्वाद प्रदान करती है
  • विद्यार्थियों, कलाकारों और मानसिक स्पष्टता चाहने वालों के लिए सहायक है
  • दिव्य माँ के एक महत्वपूर्ण स्वरूप का सम्मान करती है

कब करें सरस्वती पूजा ?

बसंत पंचमी पर, नवरात्रि के दौरान, या सरस्वती जी का आशीर्वाद चाहने वाले किसी भी दिन की जा सकती है।

कैसे की जाती है सरस्वती पूजा ?

  1. संकल्प
    पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लिया जाता है।
  2. सरस्वती पूजा
    माँ सरस्वती की सफेद और पीले फूलों तथा मंत्रों से पूजा की जाती है।
  3. आरती
    समापन पर आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • माँ सरस्वती की मूर्ति या चित्र
  • सफेद/पीले फूल और अक्षत
  • आशीर्वाद हेतु पुस्तकें या वाद्य यंत्र (वैकल्पिक)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह शिक्षा श्रेणी की सरस्वती पूजा के समान है?

मूल पूजा वही है; यह सूची इसे विशेष रूप से परीक्षा-तैयारी के बजाय व्यापक देवी पूजा के अंतर्गत प्रस्तुत करती है।

नवरात्रि में सरस्वती जी की विशेष पूजा कब होती है?

परंपरागत रूप से नवरात्रि के अंतिम तीन दिन सरस्वती जी को समर्पित होते हैं, जो पूर्व के दिनों में लक्ष्मी और दुर्गा के पश्चात आते हैं।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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