सत्यनारायण कथा (पूर्ण)

सत्यनारायण कथा (पूर्ण) भगवान विष्णु के सम्मान में की जाने वाली संपूर्ण पारंपरिक कथा और पूजा है, जो सत्य, समृद्धि और पारिवारिक सामंजस्य की कामना हेतु संपन्न की जाती है।

180 min फिजिकल और ऑनलाइन Satyanarayan Pujas

क्यों करें सत्यनारायण कथा (पूर्ण)?

  • सत्य और समृद्धि हेतु भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्रदान करती है
  • सामूहिक भक्ति के माध्यम से पारिवारिक संबंध मजबूत करती है
  • एक प्रिय, व्यापक रूप से पालित भक्ति परंपरा को पूर्ण करती है

कब करें सत्यनारायण कथा (पूर्ण) ?

सामान्यतः पूर्णिमा, एकादशी, या किसी विशेष पारिवारिक अवसर पर की जाती है।

कैसे की जाती है सत्यनारायण कथा (पूर्ण) ?

  1. संकल्प
    परिवार पंडित जी के समक्ष पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. कलश स्थापना
    भगवान विष्णु का आह्वान करने हेतु पवित्र कलश स्थापित किया जाता है।
  3. सत्यनारायण कथा
    सत्यनारायण भगवान की पूर्ण पांच अध्यायों वाली कथा सुनाई जाती है।
  4. आरती एवं प्रसाद
    समापन आरती की जाती है और पंचामृत प्रसाद वितरित किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • स्थापना हेतु कलश और सामग्री
  • पंचामृत की सामग्री (दूध, दही, शहद, घी, शक्कर)
  • केले, फूल और अक्षत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्ण सत्यनारायण कथा में कितना समय लगता है?

सामान्यतः लगभग 2 से 2.5 घंटे, जिसमें कथा के सभी पांच अध्याय तथा पूजा विधियां शामिल हैं।

क्या यह पूजा किसी विशेष जीवन घटना से जुड़ी है?

नहीं, इसे किसी भी शुभ अवसर पर, कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, अथवा केवल नियमित भक्ति अभ्यास के रूप में भी किया जा सकता है।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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