वर्षगांठ पर सत्यनारायण पूजा विवाह वर्षगांठ को चिह्नित करने हेतु की जाती है, जिसमें कृतज्ञता व्यक्त की जाती है और वैवाहिक जीवन के लिए भगवान विष्णु के निरंतर आशीर्वाद की कामना की जाती है।
90 min फिजिकल और ऑनलाइन Satyanarayan Pujas
क्यों करें वर्षगांठ पर सत्यनारायण पूजा?
विवाह और साथ बिताए वर्षों के लिए कृतज्ञता व्यक्त करती है
वैवाहिक सुख के लिए निरंतर आशीर्वाद की कामना करती है
सार्थक, साझा भक्ति के साथ वर्षगांठ को चिह्नित करती है
कब करें वर्षगांठ पर सत्यनारायण पूजा ?
विवाह वर्षगांठ की तिथि पर, दिन के किसी सुविधाजनक समय पर की जाती है।
कैसे की जाती है वर्षगांठ पर सत्यनारायण पूजा ?
संकल्प
दंपति साथ बिताए वर्षों के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हुए संकल्प लेते हैं।
कलश स्थापना
भगवान विष्णु का आह्वान करने हेतु पवित्र कलश स्थापित किया जाता है।
सत्यनारायण कथा
दंपति की निरंतर खुशहाली को समर्पित सत्यनारायण कथा सुनाई जाती है।
आरती एवं प्रसाद
समापन आरती की जाती है और परिवार में प्रसाद वितरित किया जाता है।
आवश्यक सामग्री
स्थापना हेतु कलश और सामग्री
पंचामृत की सामग्री
केले, फूल और अक्षत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह पूजा विशेष रूप से महत्वपूर्ण वर्षगांठों के लिए प्रचलित है?
इसे किसी भी वर्षगांठ पर किया जा सकता है, हालांकि कई परिवार विशेष रूप से महत्वपूर्ण मील के पत्थर वाले वर्षों में इसे मनाना पसंद करते हैं।
क्या इसे छोटे वर्षगांठ समारोह के साथ जोड़ा जा सकता है?
हाँ, कई परिवार पूजा के पश्चात प्रियजनों के साथ एक छोटा सम्मेलन या उत्सव भोज आयोजित करते हैं।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो