पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा

पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा पूर्णिमा के दिन की जाती है, जो सत्यनारायण स्वरूप में भगवान विष्णु के सम्मान हेतु परंपरागत रूप से शुभ समय माना जाता है।

120 min फिजिकल और ऑनलाइन Satyanarayan Pujas

क्यों करें पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा?

  • विशेष रूप से शुभ चंद्र दिवस पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्रदान करती है
  • सत्य, समृद्धि और पारिवारिक सामंजस्य की कामना करती है
  • एक प्रिय मासिक अथवा प्रासंगिक भक्ति अभ्यास को जारी रखती है

कब करें पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा ?

पूर्णिमा (पूर्णचंद्र दिवस) पर की जाती है, जो प्रत्येक चंद्र मास में एक बार आती है।

कैसे की जाती है पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा ?

  1. संकल्प
    परिवार पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. कलश स्थापना
    भगवान विष्णु का आह्वान करने हेतु पवित्र कलश स्थापित किया जाता है।
  3. सत्यनारायण कथा
    सत्यनारायण कथा सुनाई जाती है।
  4. आरती एवं प्रसाद
    समापन आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • स्थापना हेतु कलश और सामग्री
  • पंचामृत की सामग्री
  • केले, फूल और अक्षत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पूजा के लिए पूर्णिमा को विशेष शुभ क्यों माना जाता है?

पूर्णिमा को परंपरागत रूप से आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली समय माना जाता है, जिससे यह सत्यनारायण पूजा के लिए एक लोकप्रिय दिन बन जाता है।

क्या यह मासिक पारिवारिक परंपरा बन सकती है?

हाँ, कुछ परिवार निरंतर भक्ति अभ्यास के रूप में हर महीने पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा करना चुनते हैं।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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