सीमंतोन्नयन

सीमन्तोन्नयन गर्भावस्था के दौरान किया जाने वाला एक प्रसव-पूर्व हिंदू संस्कार है, जो परंपरागत रूप से बाद के महीनों में सुरक्षित प्रसव तथा माँ और शिशु की भलाई की कामना हेतु किया जाता है।

90 min फिजिकल Birth & Child Rituals

क्यों करें सीमंतोन्नयन?

  • माँ के लिए सुरक्षित, स्वस्थ प्रसव की कामना करता है
  • अजन्मे शिशु के लिए सुरक्षा और भलाई का आह्वान करता है
  • गर्भवती माँ को आशीर्वाद देने और सहयोग हेतु परिवार को एकत्रित करता है

कब करें सीमंतोन्नयन ?

परंपरागत रूप से गर्भावस्था के सातवें या आठवें महीने में, किसी शुभ तिथि पर किया जाता है।

कैसे की जाती है सीमंतोन्नयन ?

  1. संकल्प
    दंपति पंडित जी के समक्ष संस्कार का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेते हैं।
  2. गणेश एवं नवग्रह पूजा
    सुगम प्रसव हेतु भगवान गणेश और नौ ग्रहों का आशीर्वाद माँगा जाता है।
  3. हवन
    माँ और शिशु के स्वास्थ्य हेतु प्रार्थनाओं के साथ हवन अनुष्ठान किया जाता है।
  4. आशीर्वाद
    परिवार की महिला बुजुर्ग गर्भवती माँ को आशीर्वाद देती हैं, जो भावना में बेबी शावर के समान है।

आवश्यक सामग्री

  • हवन सामग्री
  • फूल और अक्षत
  • दीया और धूप
  • प्रसाद हेतु फल और मिठाइयां

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सीमन्तोन्नयन बेबी शावर के समान है?

यह गर्भवती माँ का उत्सव मनाने और आशीर्वाद देने के समान भाव साझा करता है, हालांकि यह विशुद्ध सामाजिक सम्मेलन के बजाय एक धार्मिक समारोह है।

इसमें सामान्यतः कौन उपस्थित होता है?

निकट परिवार, विशेषकर परिवार की महिलाएं, परंपरागत रूप से इस समारोह हेतु एकत्रित होती हैं।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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