शनि पूजा अनुशासन, कर्म और जीवन के सबक से जुड़े ग्रह शनि का आशीर्वाद आह्वान करती है, जिसमें उनकी कृपा और कठिनाइयों में कमी की कामना की जाती है।
90 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas
क्यों करें शनि पूजा?
भगवान शनि की कृपा और कठिनाइयों में कमी की कामना करती है
ज्योतिषीय परंपरा अनुसार सहनशीलता और अनुशासन को मजबूत करती है
चुनौतीपूर्ण ग्रह अवधियों (साढ़ेसाती, ढैया) से निपटने में सहायक है
कब करें शनि पूजा ?
सामान्यतः शनिवार को, जो शनि से संबंधित दिन है, अथवा साढ़ेसाती/ढैया अवधि के दौरान की जाती है।
कैसे की जाती है शनि पूजा ?
संकल्प
भक्त पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेता है।
शनि पूजा
भगवान शनि की सरसों का तेल, काले तिल और मंत्रों से पूजा की जाती है।
हवन (वैकल्पिक)
अधिक प्रबल आह्वान के लिए हवन अनुष्ठान भी शामिल किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
सरसों का तेल और काले तिल
काला वस्त्र या फूल
दीया और धूप
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साढ़ेसाती क्या है?
यह लगभग 7.5 वर्ष की ज्योतिषीय अवधि है, जब शनि आपकी चंद्र राशि को प्रभावित करने वाली राशियों से गोचर करते हैं, जिसे प्रायः जीवन के महत्वपूर्ण सबक का चरण माना जाता है।
भगवान शनि को सरसों का तेल क्यों अर्पित किया जाता है?
यह एक पारंपरिक अर्पण है जिसे शनि देव को प्रसन्न करने वाला माना जाता है और यह शनि-संबंधी पूजा में एक सामान्य अनुष्ठान सामग्री है।
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