सोलह सोमवार व्रत पूजा

सोलह सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित 16 सोमवारों का व्रत परंपरा है, जो सामान्यतः किसी विशेष इच्छा की पूर्ति अथवा वैवाहिक सुख हेतु किया जाता है।

60 min फिजिकल और ऑनलाइन Ekadashi & Vrat Pujas

क्यों करें सोलह सोमवार व्रत पूजा?

  • विशेष हार्दिक इच्छाओं की पूर्ति में सहायक माना जाता है
  • वैवाहिक सुख हेतु भगवान शिव का आशीर्वाद प्रदान करता है
  • 16 सप्ताह में निरंतर भक्ति अनुशासन का निर्माण करता है

कब करें सोलह सोमवार व्रत पूजा ?

लगातार 16 सोमवार को किया जाता है, प्रायः किसी शुभ सोमवार जैसे श्रावण मास के दौरान आरंभ किया जाता है।

कैसे की जाती है सोलह सोमवार व्रत पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त आरंभ में अपनी विशेष इच्छा या संकल्प बताते हुए शपथ लेता है।
  2. साप्ताहिक व्रत एवं पूजा
    प्रत्येक सोमवार व्रत रखा जाता है और भगवान शिव की बेल पत्र और जल से पूजा की जाती है।
  3. उद्यापन
    सभी 16 सोमवार पूर्ण होने पर समापन उद्यापन समारोह किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • शिवलिंग या भगवान शिव का चित्र
  • साप्ताहिक अभिषेक हेतु बेल पत्र, दूध और जल
  • समापन उद्यापन समारोह हेतु सामग्री

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि किसी सोमवार को व्रत छूट जाए तो क्या होता है?

प्रथाएं भिन्न होती हैं — कुछ गिनती फिर से आरंभ करते हैं, कुछ जारी रखकर व्रत को केवल विस्तारित करते हैं; आपकी विशेष परंपरा के अनुसार पंडित जी सलाह दे सकते हैं।

उद्यापन क्या है?

यह सभी 16 सप्ताह पूर्ण होने के बाद किया जाने वाला औपचारिक समापन समारोह है, जो व्रत की पूर्णता को चिह्नित करता है।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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