सूर्य पूजा में जीवन ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवटता के स्रोत सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है, तथा इस मूलभूत ग्रह पूजा के माध्यम से शक्ति और संतुलन की कामना की जाती है।
60 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas
क्यों करें सूर्य पूजा?
स्वास्थ्य, जीवटता और जीवन ऊर्जा का आह्वान करती है
जन्म कुंडली में कमजोर या पीड़ित सूर्य को बल प्रदान करती है
आत्मविश्वास, नेतृत्व और समग्र कल्याण को सहयोग देती है
कब करें सूर्य पूजा ?
यह सामान्यतः रविवार को, जो सूर्य से संबंधित दिन है, विशेषकर सूर्योदय के समय किया जाता है।
कैसे की जाती है सूर्य पूजा ?
संकल्प
यजमान पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
सूर्य पूजा
सूर्योदय के समय जल अर्घ्य और मंत्रों के साथ सूर्य देव की पूजा की जाती है।
हवन (वैकल्पिक)
अधिक सशक्त आह्वान के लिए हवन भी शामिल किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
जल अर्घ्य के लिए तांबे का पात्र
लाल फूल
दीया और अगरबत्ती
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूर्य पूजा सूर्योदय के समय ही क्यों की जाती है?
उगता सूर्य सूर्य देव की प्रार्थना और जल अर्घ्य अर्पित करने के लिए सबसे शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है।
यह पूजा सामान्यतः कौन कराता है?
बेहतर स्वास्थ्य, आत्मविश्वास या नेतृत्व गुणों की कामना करने वाले, अथवा जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हो, ऐसे लोग यह पूजा कराते हैं।
₹5,0002,10058% छूट
+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो