विदाई पूजा

विदाई पूजा वह भावुक विदाई समारोह है जिसमें वधू अपने माता-पिता के घर से विदा लेती है, जो उसके अपने पति के परिवार के साथ वैवाहिक जीवन में संक्रमण को चिह्नित करता है।

45 min फिजिकल Wedding & Marriage Rituals

क्यों करें विदाई पूजा?

  • वधू के लिए एक महत्वपूर्ण, भावुक संक्रमण को चिह्नित करती है
  • उसके नए जीवन और आगे की यात्रा के लिए आशीर्वाद की कामना करती है
  • वधू और उसके मायके के परिवार के गहरे बंधन का सम्मान करती है

कब करें विदाई पूजा ?

यह विवाह समारोह के समापन पर किया जाता है, जब वधू अपने पति के घर के लिए प्रस्थान करती है।

कैसे की जाती है विदाई पूजा ?

  1. आशीर्वाद
    वधू के माता-पिता और परिवार उसे प्रस्थान से पहले आशीर्वाद देते हैं।
  2. चावल फेंकना
    वधू परंपरागत रूप से जाते समय अपने पीछे चावल फेंकती है, जो अपने परिवार के लिए छोड़ी गई समृद्धि का प्रतीक है।
  3. प्रस्थान
    वधू अपने पति के साथ अपने नए घर के लिए प्रस्थान करती है।

आवश्यक सामग्री

  • चावल फेंकने की रस्म के लिए चावल
  • आशीर्वाद के लिए फूल और दीया
  • टिश्यू (अधिकांश परिवारों के लिए यह एक भावुक क्षण होता है!)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चावल फेंकना किसका प्रतीक है?

यह दर्शाता है कि वधू अपने नए जीवन की शुरुआत करते हुए अपने माता-पिता के परिवार के लिए समृद्धि और आशीर्वाद छोड़ जाती है।

क्या अधिकांश परिवारों के लिए विदाई एक भावुक अनुष्ठान है?

हाँ, इसे वधू और उसके परिवार के लिए हिंदू विवाह के सबसे भावुक क्षणों में से एक माना जाता है।

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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो

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