अनंत चतुर्दशी पूजा

अनंत चतुर्दशी पूजा गणेश उत्सव के समापन का प्रतीक है, जिसमें भगवान विष्णु की अनंत रूप में पूजा की जाती है और गणेश प्रतिमाओं का पारंपरिक विसर्जन किया जाता है।

90 min फिजिकल Festival Pujas

क्यों करें अनंत चतुर्दशी पूजा?

  • गणेश चतुर्थी उत्सव अवधि का भक्तिपूर्ण समापन दर्शाता है
  • भगवान विष्णु के शाश्वत (अनंत) रूप का आशीर्वाद प्राप्त करता है
  • विसर्जन समारोह के लिए समुदाय को एक साथ लाता है

कब करें अनंत चतुर्दशी पूजा ?

यह गणेश चतुर्थी के 14वें दिन मनाया जाता है, जो 10 या 11 दिवसीय उत्सव के समापन का प्रतीक है।

कैसे की जाती है अनंत चतुर्दशी पूजा ?

  1. अनंत पूजा
    भगवान विष्णु की अनंत रूप में पूजा की जाती है, अक्सर कलाई पर पवित्र धागा (अनंत सूत्र) बांधा जाता है।
  2. अंतिम गणेश आरती
    विसर्जन से पहले गणेश प्रतिमा की अंतिम आरती की जाती है।
  3. विसर्जन
    प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक जल में विसर्जित किया जाता है, जो उत्सव के समापन का प्रतीक है।

आवश्यक सामग्री

  • अनंत सूत्र (पवित्र धागा)
  • पुष्प और अक्षत
  • विसर्जन शोभायात्रा हेतु सामग्री

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सूत्र क्या है?

यह एक पवित्र धागा है, जिसमें प्रायः 14 गांठें होती हैं, जिसे इस पूजा के दौरान भगवान विष्णु की सुरक्षा के प्रतीक के रूप में कलाई पर बांधा जाता है।

क्या हर परिवार इसी दिन अपनी गणेश प्रतिमा का विसर्जन करता है?

कई परिवार करते हैं, हालांकि कुछ परिवार पारिवारिक परंपरा के अनुसार तीसरे, पांचवें या सातवें दिन विसर्जन करते हैं।

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