चंद्र पूजा

चंद्र पूजा में मन, भावनाओं और आंतरिक शांति से जुड़े चंद्रमा का आशीर्वाद मांगा जाता है, ताकि इस ग्रहीय पूजा के माध्यम से संतुलन और शांति प्राप्त हो सके।

60 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas

क्यों करें चंद्र पूजा?

  • भावनात्मक संतुलन और आंतरिक शांति का आह्वान करती है
  • जन्म कुंडली में कमज़ोर या पीड़ित चंद्रमा को मज़बूत करती है
  • ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार मानसिक शांति और स्पष्टता में सहायक है

कब करें चंद्र पूजा ?

सामान्यतः सोमवार को, जो चंद्रमा से जुड़ा दिन है, या ज्योतिषीय परामर्श की सिफारिश पर की जाती है।

कैसे की जाती है चंद्र पूजा ?

  1. संकल्प
    भक्त पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लेता है।
  2. चंद्र पूजा
    सफेद पुष्पों, चावल और मंत्रों के साथ चंद्र देवता की पूजा की जाती है।
  3. हवन (वैकल्पिक)
    अधिक प्रबल आह्वान के लिए हवन भी शामिल किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री

  • सफेद पुष्प और सफेद वस्त्र
  • अर्पण हेतु चावल और दूध
  • एक दीया और अगरबत्ती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्र पूजा सामान्यतः कौन करवाता है?

जिन्हें भावनात्मक अस्थिरता, चिंता का अनुभव हो, या ज्योतिषीय परामर्श से जिनकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमज़ोर पहचानी गई हो।

क्या यह पूजा मानसिक कल्याण से जुड़ी है?

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा का मन से गहरा संबंध माना जाता है, इसलिए यह पूजा अक्सर भावनात्मक और मानसिक संतुलन के लिए की जाती है।

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