गणेश चतुर्थी पूजा (वार्षिक)

गणेश चतुर्थी पूजा भगवान गणेश के जन्मोत्सव का उत्सव है, जिसमें कई दिनों तक गणेश प्रतिमा की स्थापना, पूजा और अंततः विसर्जन भक्ति और उल्लास के साथ किया जाता है।

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क्यों करें गणेश चतुर्थी पूजा (वार्षिक)?

  • परिवार के लिए भगवान गणेश के जन्म और आशीर्वाद का उत्सव मनाता है
  • आने वाले वर्ष के लिए विघ्न-निवारण और बुद्धि का आह्वान करता है
  • परिवार और समुदाय को साझा भक्ति में एक साथ लाता है

कब करें गणेश चतुर्थी पूजा (वार्षिक) ?

यह भाद्रपद मास के चतुर्थ दिन, गणेश चतुर्थी पर (सामान्यतः अगस्त-सितंबर में) मनाई जाती है।

कैसे की जाती है गणेश चतुर्थी पूजा (वार्षिक) ?

  1. प्राण प्रतिष्ठा
    गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जाती है।
  2. दैनिक पूजा
    उत्सव अवधि के दौरान प्रतिदिन प्रार्थना, आरती और मोदक का भोग अर्पित किया जाता है।
  3. विसर्जन
    चुने गए समापन दिवस (1.5, 3, 5, 7 या 11 दिन बाद) पर प्रतिमा का जल में विसर्जन किया जाता है।

आवश्यक सामग्री

  • गणेश प्रतिमा (पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्राथमिकता दी जाए)
  • दैनिक भोग हेतु मोदक और अन्य मिठाइयां
  • फूल, दूर्वा घास और अक्षत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विसर्जन से पहले प्रतिमा को कितने दिनों तक रखा जाता है?

यह परिवार के अनुसार भिन्न होता है — सामान्यतः डेढ़, 3, 5, 7 या अनंत चतुर्दशी तक पूरे 10-11 दिन।

गणेश जी को दूर्वा घास क्यों अर्पित की जाती है?

दूर्वा घास को भगवान गणेश की सर्वाधिक प्रिय भेंटों में से एक माना जाता है, जो उन्हें अत्यंत प्रसन्न करती है।

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