गणेश चतुर्थी पूजा (स्वतंत्र बुकिंग) गणेश प्रतिमा की स्थापना और पूजा के साथ भगवान गणेश के जन्मोत्सव का उत्सव है, जिसमें बुद्धि और विघ्न-निवारण हेतु आशीर्वाद मांगा जाता है।
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क्यों करें गणेश चतुर्थी पूजा?
भगवान गणेश के जन्म और आशीर्वाद का उत्सव मनाता है
परिवार के लिए विघ्न-निवारण और बुद्धि का आह्वान करता है
परिवार को आनंदमय भक्ति में एक साथ लाता है
कब करें गणेश चतुर्थी पूजा ?
यह भाद्रपद मास के चतुर्थ दिन, गणेश चतुर्थी पर (सामान्यतः अगस्त-सितंबर में) मनाई जाती है।
कैसे की जाती है गणेश चतुर्थी पूजा ?
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा की जाती है।
पूजा एवं आरती
प्रार्थना, फूल और मोदक का भोग अर्पित किया जाता है।
विसर्जन
परिवार द्वारा चुने गए समापन दिवस पर प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।
आवश्यक सामग्री
गणेश प्रतिमा (पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की प्राथमिकता दी जाए)
भोग हेतु मोदक और मिठाइयां
फूल, दूर्वा घास और अक्षत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह पर्व श्रेणी की उसी पूजा की सूची से किस प्रकार भिन्न है?
दोनों एक ही मूल गणेश चतुर्थी विधि को कवर करते हैं — इस सूची में भिन्न पैकेज या अवधि हो सकती है, इसलिए बुकिंग से पहले विवरण की तुलना करें।
क्या प्रतिमा को केवल एक दिन के लिए रखा जा सकता है?
हां, कई परिवार डेढ़ दिन के अनुष्ठान को चुनते हैं और अगले दिन प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो