गुरु पूर्णिमा पूजा अपने आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं को सम्मानित करती है, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके निरंतर आशीर्वाद और मार्गदर्शन की कामना करती है।
60 min फिजिकल और ऑनलाइन Festival Pujas
क्यों करें गुरु पूर्णिमा पूजा?
शिक्षकों और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है
विकास हेतु निरंतर आशीर्वाद और मार्गदर्शन की कामना करता है
हिंदू संस्कृति में पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मानित करता है
कब करें गुरु पूर्णिमा पूजा ?
आषाढ़ मास की पूर्णिमा (सामान्यतः जून-जुलाई) को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
कैसे की जाती है गुरु पूर्णिमा पूजा ?
संकल्प
अपने गुरु या शिक्षक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए संकल्प लिया जाता है।
गुरु पूजा
गुरु (या उनकी छवि/स्मृति) की फूलों से पूजा की जाती है, तथा आशीर्वाद माँगा जाता है।
भेंट अर्पण
परंपरा अनुसार जीवित गुरु या शिक्षक को उपहार या सम्मान की भेंट अर्पित की जा सकती है।
आवश्यक सामग्री
गुरु की तस्वीर या प्रतिनिधित्व
फूल और एक दीया
भेंट या उपहार (यदि जीवित गुरु से मिलने जा रहे हों)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या गुरु पूर्णिमा केवल आध्यात्मिक गुरुओं के लिए है?
नहीं, यह शैक्षणिक शिक्षकों, मार्गदर्शकों और किसी भी ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करने हेतु भी व्यापक रूप से मनाई जाती है जिसने किसी के विकास में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया हो।
क्या इसे किसी विशेष नामित गुरु के बिना मनाया जा सकता है?
हाँ, कई लोग गुरु की अवधारणा और अपने सभी शिक्षकों के प्रति सामान्य कृतज्ञता पूजा करते हैं।
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