हरियाली तीज पूजा विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना हेतु मनाई जाती है, जिसमें व्रत रखकर माता पार्वती की पूजा की जाती है।
90 min फिजिकल Ekadashi & Vrat Pujas
क्यों करें हरियाली तीज पूजा?
दीर्घ, सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करता है
माता पार्वती की भक्ति को आध्यात्मिक उदाहरण के रूप में सम्मानित करता है
महिलाओं को साझा उत्सव और परंपरा में एक साथ लाता है
कब करें हरियाली तीज पूजा ?
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास (सामान्यतः जुलाई-अगस्त) में पड़ने वाली हरियाली तीज पर यह मनाई जाती है।
कैसे की जाती है हरियाली तीज पूजा ?
संकल्प एवं व्रत
महिलाएँ संकल्प लेती हैं और दिनभर, प्रायः बिना जल ग्रहण किए, व्रत रखती हैं।
पार्वती-शिव पूजा
माता पार्वती और भगवान शिव की संयुक्त रूप से फूलों और मंत्रों सहित पूजा की जाती है।
व्रत पारण
शाम को या अगले दिन पारिवारिक भोजन के साथ व्रत का पारण किया जाता है।
आवश्यक सामग्री
पार्वती और शिव की मूर्तियाँ या चित्र
हरी चूड़ियाँ, मेहंदी और पारंपरिक परिधान (रीति अनुसार, पूजा के लिए अनिवार्य नहीं)
प्रसाद हेतु फूल और मिठाइयाँ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हरियाली तीज केवल विवाहित महिलाओं द्वारा मनाई जाती है?
यह मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा मनाई जाती है, हालांकि रीति अनुसार अविवाहित महिलाएँ भी अच्छे भावी वर की कामना हेतु इसमें भाग लेती हैं।
इस संदर्भ में 'हरियाली' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है 'हरियाली', जो मानसून ऋतु को संदर्भित करता है जब यह तीज पड़ती है, जिसे हरियाली, झूलों और उत्सवी परिधानों के साथ मनाया जाता है।
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