कंजक पूजा

कंजक पूजा में छोटी बालिकाओं को दिव्य माँ के जीवंत स्वरूप के रूप में पूजा जाता है, उन्हें भोजन और उपहार अर्पित किए जाते हैं, जो परंपरागत रूप से नवरात्रि के दौरान किया जाता है।

90 min फिजिकल Navratri & Devi Pujas

क्यों करें कंजक पूजा?

  • छोटी बालिकाओं को दिव्य माँ के स्वरूप के रूप में सम्मानित करता है
  • इस भक्ति और सेवा के कार्य के माध्यम से आशीर्वाद का आह्वान करता है
  • परिवार और युवा प्रतिभागियों दोनों के लिए आनंद और आशीर्वाद लाता है

कब करें कंजक पूजा ?

नवरात्रि के दौरान अष्टमी या नवमी को यह किया जाता है, हालांकि कुछ परिवार इसे अन्य दिनों में भी मनाते हैं।

कैसे की जाती है कंजक पूजा ?

  1. आमंत्रण
    सामान्यतः 10 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को घर पर आमंत्रित किया जाता है।
  2. पूजा
    उनके पैर धोए जाते हैं, तथा तिलक, फूलों और प्रार्थनाओं सहित उनकी पूजा की जाती है।
  3. भोज एवं उपहार
    एक भोजन (प्रायः पूरी, हलवा और चना) परोसा जाता है, उसके बाद छोटे उपहार दिए जाते हैं।

आवश्यक सामग्री

  • भोजन (पूरी, हलवा, चना पारंपरिक हैं)
  • तिलक, फूल और अक्षत
  • बालिकाओं हेतु छोटे उपहार या धन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सामान्यतः कितनी बालिकाओं को आमंत्रित किया जाता है?

सामान्य प्रथा नौ बालिकाओं की है, जो नवरात्रि में सम्मानित देवी के नौ रूपों का प्रतीक हैं, हालांकि यह परिवार अनुसार भिन्न हो सकती है।

क्या कंजक पूजा कुमारी पूजा के समान है?

ये निकट संबंधित परंपराएँ हैं जो छोटी बालिकाओं को दिव्य माँ के रूप में सम्मानित करती हैं; क्षेत्रीय नाम और विवरण थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

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