केतु पूजा आध्यात्मिकता, वैराग्य और कर्म-प्रभावों से जुड़े छाया ग्रह केतु का आशीर्वाद आमंत्रित करती है, जिससे संतुलन प्राप्त हो और संबंधित समस्याओं का समाधान हो सके।
90 min फिजिकल और ऑनलाइन Planet & Navagraha Pujas
क्यों करें केतु पूजा?
केतु के कर्म एवं आध्यात्मिक प्रभावों में संतुलन लाने का प्रयास करती है
कमजोर केतु स्थिति के कारण उत्पन्न बाधाओं को कम करने का लक्ष्य रखती है
ज्योतिष परंपरा के अनुसार आध्यात्मिक विकास और आंतरिक स्पष्टता में सहायक
कब करें केतु पूजा ?
ज्योतिषीय परामर्श की सलाह पर, प्रायः मंगलवार या शनिवार को की जाती है।
कैसे की जाती है केतु पूजा ?
संकल्प
भक्त पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लेता है।
केतु पूजा
मिश्रित रंग के फूलों और मंत्रों से भगवान केतु की पूजा की जाती है।
हवन (वैकल्पिक)
अधिक प्रभावशाली आह्वान के लिए हवन भी सम्मिलित किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री
मिश्रित या धूसर रंग के फूल
अर्पण हेतु तिल
एक दीया और धूप
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किस प्रकार की चिंताओं के कारण लोग केतु पूजा करवाते हैं?
अस्पष्ट बाधाएँ, आध्यात्मिक बेचैनी, या ज्योतिषी द्वारा पहचानी गई कमजोर केतु स्थिति इसके सामान्य कारण हैं।
क्या केतु पूजा अक्सर राहु पूजा के साथ की जाती है?
हाँ, क्योंकि कुंडली में राहु और केतु सदैव एक-दूसरे के विपरीत स्थित होते हैं, इसलिए इन्हें अक्सर साथ में संबोधित किया जाता है।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो