लक्ष्मी पूजा (देवी पूजन के अंतर्गत) धन, समृद्धि और सम्पन्नता के लिए देवी लक्ष्मी का आह्वान करती है, जो केवल दीपावली तक सीमित न रहकर व्यापक देवी भक्ति परंपरा के भाग रूप में की जाती है।
60 min फिजिकल और ऑनलाइन Navratri & Devi Pujas
क्यों करें लक्ष्मी पूजा?
धन और समृद्धि हेतु देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद आमंत्रित करती है
त्योहार के मौसम से परे निरंतर समृद्धि में सहायक
एक लचीली, व्यक्तिगत भक्ति साधना प्रदान करती है
कब करें लक्ष्मी पूजा ?
शुक्रवार, पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र दिवस), या जब भी विशेष रूप से आर्थिक आशीर्वाद की कामना हो, तब की जा सकती है।
कैसे की जाती है लक्ष्मी पूजा ?
संकल्प
पूजा का उद्देश्य बताते हुए संकल्प लिया जाता है।
लक्ष्मी पूजा
फूलों, कमल और मंत्रों से देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
आरती
समापन पर आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।
आवश्यक सामग्री
देवी लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र
कमल के फूल (यदि उपलब्ध हों) और अन्य फूल
एक दीया और अक्षत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लक्ष्मी पूजन के लिए शुक्रवार को शुभ क्यों माना जाता है?
हिंदू परंपरा में शुक्रवार पारंपरिक रूप से देवी लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है, इसलिए यह उनकी पूजा के लिए प्रायः चुना जाने वाला दिन है।
यह दीपावली की लक्ष्मी पूजा से किस प्रकार भिन्न है?
यह एक लचीला, स्वतंत्र रूप है जो किसी भी समय किया जा सकता है, न कि केवल दीपावली त्योहार से जुड़ा हुआ।
₹5,0002,10058% छूट
+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो