नाग पंचमी पूजा नाग देवताओं की उपासना करके उनकी सुरक्षा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाती है, और परंपरागत रूप से नाग प्रतिमाओं या चित्रों पर दूध अर्पित करके मनाई जाती है।
60 min फिजिकल Festival Pujas
क्यों करें नाग पंचमी पूजा?
सर्प संबंधी भय और खतरों से सुरक्षा की कामना
हिंदू परंपरा में पूजनीय देवताओं के रूप में नागों का सम्मान
माना जाता है कि यह शांति लाती है और कुछ ज्योतिषीय दोषों को दूर करती है
कब करें नाग पंचमी पूजा ?
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (सामान्यतः जुलाई-अगस्त) को नाग पंचमी के अवसर पर मनाई जाती है।
कैसे की जाती है नाग पंचमी पूजा ?
संकल्प
पूजा के उद्देश्य को बताते हुए संकल्प लिया जाता है।
नाग देवता पूजा
नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की दूध, फूलों और मंत्रों से पूजा की जाती है।
आरती
समापन पर आरती की जाती है।
आवश्यक सामग्री
नाग देवता की प्रतिमा या चित्र
अर्पण हेतु दूध और फूल
दीया और अगरबत्ती
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या इस पूजा में जीवित सांप की पूजा शामिल है?
पारंपरिक पूजा मूर्तियों या चित्रों पर केंद्रित होती है; भारत में वन्यजीव संरक्षण कानून भी अनुष्ठानों के लिए जीवित सांपों को पकड़ने को हतोत्साहित करते हैं।
नाग पंचमी सामान्यतः कौन मनाता है?
यह कई हिंदू समुदायों में व्यापक रूप से मनाई जाती है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां कृषि परंपराएं मजबूत हैं और सांपों को कीट नियंत्रण के लिए सम्मान दिया जाता है।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो