नवरात्रि पूजा (पूर्ण 9 दिन) देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों का सम्मान करने वाला संपूर्ण नौ रात्रि का अनुष्ठान है, जिसमें दैनिक पूजा, व्रत और समापन उत्सव शामिल हैं।
12960 min फिजिकल Navratri & Devi Pujas
क्यों करें नवरात्रि पूजा (पूर्ण 9 दिन)?
देवी के सभी नौ दिव्य रूपों में आशीर्वाद का आह्वान
एक सतत, अनुशासित भक्ति अभ्यास को सहयोग
शक्तिशाली समापन उत्सवों (कंजक पूजा, दशहरा) के साथ संपन्न होता है
कब करें नवरात्रि पूजा (पूर्ण 9 दिन) ?
परिवार की चुनी हुई परंपरा के अनुसार नवरात्रि (चैत्र या शरद) की पूरी नौ रातों में मनाई जाती है।
कैसे की जाती है नवरात्रि पूजा (पूर्ण 9 दिन) ?
घटस्थापना
पहले दिन देवी की उपस्थिति का आह्वान करते हुए पवित्र कलश की स्थापना की जाती है।
दैनिक देवी पूजा
नौ दिनों में से प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष रूप (नवदुर्गा) का सम्मान किया जाता है।
कंजक पूजा
अष्टमी या नवमी को छोटी कन्याओं की पूजा की जाती है।
समापन आरती
अंतिम आरती और प्रार्थनाओं के साथ नौ दिवसीय अनुष्ठान संपन्न होता है।
आवश्यक सामग्री
घटस्थापना हेतु कलश और सामग्री
प्रत्येक दिन हेतु फूल, अक्षत और दीया
समापन दिनों में कंजक पूजा हेतु सामग्री
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सभी नौ दिनों का व्रत आवश्यक है?
प्रथाएं व्यापक रूप से भिन्न होती हैं — कुछ पूर्ण व्रत रखते हैं, अन्य सात्विक भोजन करते हैं, और कुछ केवल चुनिंदा दिनों में व्रत रखते हैं, यह व्यक्तिगत क्षमता पर निर्भर करता है।
क्या पूरी नौ दिवसीय पूजा प्रतिदिन पंडित जी की उपस्थिति में की जा सकती है?
हां, कई परिवार पूरे नौ दिनों तक दैनिक अनुष्ठानों का मार्गदर्शन करने हेतु पंडित जी की व्यवस्था करते हैं।
₹25,00020,00020% छूट
+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो