वर माला पूजा वरमाला आदान-प्रदान का समारोह है, जिसमें वर-वधू एक-दूसरे को पुष्पमाला पहनाते हैं, जो उनकी परस्पर स्वीकृति और विवाह अनुष्ठानों के आरंभ का प्रतीक है।
30 min फिजिकल Wedding & Marriage Rituals
क्यों करें वरमाला पूजा?
वर-वधू की परस्पर स्वीकृति को चिह्नित करती है
औपचारिक विवाह अनुष्ठानों की एक आनंदमय, प्रतीकात्मक शुरुआत
विवाह के सबसे अधिक फोटो खींचे जाने वाले और उत्सवमय क्षणों में से एक
कब करें वरमाला पूजा ?
यह विवाह समारोह के आरंभ में, जब वर-वधू पहली बार मंडप में मिलते हैं, किया जाता है।
कैसे की जाती है वरमाला पूजा ?
बारात स्वागत
वधू पक्ष द्वारा वर की बारात का स्वागत किया जाता है।
वरमाला आदान-प्रदान
वर-वधू एक-दूसरे को माला पहनाते हैं, प्रायः मित्रों और परिवारजनों द्वारा चंचलतापूर्वक ऊपर उठाए जाने के बीच।
मंडप प्रवेश
वर-वधू शेष विवाह अनुष्ठानों के लिए मंडप की ओर बढ़ते हैं।
आवश्यक सामग्री
वर-वधू दोनों के लिए ताज़े फूलों की मालाएँ
मंडप के प्रवेश द्वार की सजावट
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वरमाला आदान-प्रदान प्रायः इतना चंचल क्यों होता है?
यह कई समुदायों में एक हल्की-फुल्की परंपरा है, जिसमें कभी-कभी मित्र आदान-प्रदान को अधिक रोमांचक और मनोरंजक बनाने के लिए वर या वधू को ऊपर उठा देते हैं।
क्या वर माला ही विवाह है?
नहीं, यह प्रारंभिक अनुष्ठान है जो वर-वधू की परस्पर स्वीकृति को चिह्नित करता है, इसके बाद मुख्य विवाह अनुष्ठान (जैसे सप्तपदी) होते हैं।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो