विवाह पूजा (हिंदू विवाह) संपूर्ण पारंपरिक विवाह समारोह है, जो कन्यादान से लेकर सप्तपदी और उसके आगे तक, पवित्र वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से वर-वधू को विवाह बंधन में बांधता है।
240 min फिजिकल Wedding & Marriage Rituals
क्यों करें विवाह पूजा (हिंदू विवाह)?
पवित्र, समय-सम्मानित वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से वर-वधू को एक करती है
सुखी, समृद्ध वैवाहिक जीवन के आशीर्वाद की कामना करती है
इस महत्वपूर्ण अवसर का उत्सव मनाने के लिए दोनों परिवारों को साथ लाती है
कब करें विवाह पूजा (हिंदू विवाह) ?
यह वर-वधू की जन्मकुंडली और हिंदू पंचांग के आधार पर चुने गए शुभ विवाह मुहूर्त पर किया जाता है।
कैसे की जाती है विवाह पूजा (हिंदू विवाह) ?
वर माला
वर-वधू माला का आदान-प्रदान करते हैं, जो परस्पर स्वीकृति को चिह्नित करता है।
कन्यादान
वधू के पिता औपचारिक रूप से अपनी पुत्री का हाथ सौंपते हैं।
हवन एवं सप्तपदी
वर-वधू पवित्र अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेते हुए विवाह प्रतिज्ञाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
मंगलसूत्र एवं सिंदूर
वर मंगलसूत्र बांधता है और सिंदूर लगाता है, जिससे समारोह पूर्ण होता है।
आवश्यक सामग्री
हवन सामग्री
मंगलसूत्र, सिंदूर और विवाह पोशाक
मंडप के लिए फूल, मालाएँ और सजावट
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक संपूर्ण हिंदू विवाह समारोह में कितना समय लगता है?
मुख्य अनुष्ठानों में सामान्यतः 2 से 4 घंटे लगते हैं, हालाँकि क्षेत्रीय रीति-रिवाजों और शामिल विशिष्ट अनुष्ठानों के आधार पर समय भिन्न हो सकता है।
क्या इस पूजा को आपके परिवार की क्षेत्रीय या पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अनुकूलित किया जा सकता है?
हाँ, पंडित जी मुख्य वैदिक अनुष्ठानों के साथ-साथ आपके परिवार की विशिष्ट क्षेत्रीय परंपराओं को भी शामिल कर सकते हैं।
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+ पंडितजी द्वारा लिया जाने वाला यात्रा शुल्क, यदि लागू हो